this is a thumbnail where the written the word TCS LAYOFF



​दशकों तक, Tata Consultancy Services (TCS) में नौकरी पाने का मतलब एक सुरक्षित और जीवन भर के करियर की गारंटी माना जाता था। "Tata Trust" सिर्फ एक ब्रांड का वादा नहीं, बल्कि Indian IT Sector में जॉब सिक्योरिटी का दूसरा नाम था। लेकिन जुलाई 2025 में यह मज़बूत नींव हिल गई, जब इस IT दिग्गज ने अपने इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी की घोषणा की। यह एक साफ़ संकेत है कि इंडस्ट्री में एक बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है।

​आइए इस tcs news को विस्तार से समझते हैं। कंपनी ने 12,200 से ज़्यादा कर्मचारियों को निकालने की योजना बनाई है, जो उसके कुल वर्कफोर्स का लगभग 2% है। एक ऐसी कंपनी के लिए जो स्थिरता का प्रतीक रही है, यह एक चौंकाने वाला कदम है। यह tcs layoff अचानक नहीं होगा, बल्कि इसे 2026 के वित्तीय वर्ष (अप्रैल 2025 - मार्च 2026) के दौरान धीरे-धीरे किया जाएगा।

​यहाँ सबसे ज़रूरी बात यह है कि यह tcs layoffs Fresher's या जूनियर कर्मचारियों के लिए नहीं है। यह छंटनी एक तरह की सर्जिकल स्ट्राइक है जो सीधे तौर पर मिड और सीनियर लेवल के पदों पर की जा रही है। सबसे ज़्यादा ख़तरा उन मैनेजर्स, Project Leaders और पुरानी टेक्नोलॉजी के स्पेशलिस्ट्स पर है, जिन्हें काम करते हुए एक दशक से ज़्यादा हो चुका है।

​तो सवाल उठता है कि tcs removing employees की इस ख़ास परत को क्यों हटा रही है? इसका सीधा जवाब है: पुराना IT सर्विस मॉडल अब काम नहीं कर रहा है। पारंपरिक "Pyramid Structure" (जिसमें नीचे बहुत सारे जूनियर्स और बीच में उन्हें संभालने वाले मैनेजर्स होते हैं) अब पुराना हो चुका है। AI और Automation के आने से Entry-Level के बहुत सारे काम अब मशीनें कर रही हैं, जिससे जूनियर्स की बड़ी फ़ौज की ज़रूरत कम हो गई है। और जब बेस ही छोटा हो गया, तो मिडिल मैनेजमेंट की मोटी परत की भी ज़रूरत नहीं रही।

​आज के Clients को छोटी, तेज़ और highly-skilled विशेषज्ञों की टीमें चाहिए। इन कटौतियों के साथ, TCS पुराने पिरामिड से एक नए "डायमंड-शेप" मॉडल की ओर बढ़ रही है, जहाँ जनरल मैनेजमेंट के बजाय गहरी तकनीकी विशेषज्ञता को ज़्यादा महत्व दिया जा रहा है। यह सिर्फ़ एक छंटनी नहीं है, यह IT के भविष्य के लिए कंपनी का एक बड़ा पुनर्गठन है - एक ऐसा भविष्य जो सिर्फ़ स्पेशलिस्ट्स का है।